11 मई, 2016

मौसम ने करवट बदली

मौसम ने करवट बदली तब न सचेत हुए
कई पांडाल ढहे कुछ लोग अचेत हुए
प्राकृतिक आपदा का कैसे हो आकलन
सड़क पर बिजली गिरी महिला के प्राण गए |

 भीड़भाड़ भारी थी महा कुम्भ के मेले में
धक्कामुक्की चोरी चकारी भी थी मेले ठेले में
आध्यात्म और भीड़ तंत्र दौनों दीखते यहाँ
धर्म ध्वजाएं लहलहातीं पूरे सिंहस्थ क्षेत्र में |

आज फिर मौसम ने धोका दिया
सिंहस्थ पर आई कठिनाइयां
थोड़ी सी वर्षा में  तम्बू धराशाही हुए
श्रद्धालू झेल रहे कठिनाइयां
जाने की इच्छा थी प्रवल इतनी
भूले जल वृष्टि और आंधियां
वाहन जाम में फंसे रेंग रेंग कर चले
मुंह पर उड़ने लगी हवाइयां
फिर भी हिम्मत से काम लिया
पार की घंटों में ज़रा ज़रा सी दूरियां
वहीं पहुँच कर दम लिया
मन को संतोष बस इतना रहा
पुण्य लाभ ले पाए कार्य अधूरा न रहा
इतनी मशक्कत में उड़ने लगीं हवाइयां |

आशा

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